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गुर्जरों के मंगलवार को महापंचायत के आह्वान से पहले सोमवार को सरकार और गुर्जरों की वार्ता बिना निर्णय खत्म हुई। वार्ता के बाद सरकार ने कहा कि गुर्जर सरकार के हर निर्णय से सहमत हैं, लिखित समझौता मंगलवार को होगा। वहीं गुर्जर नेताओं ने कहा कि सरकार ने जो कहा है उस पर चर्चा अड्डा में होने वाली महपंचायत में होगी। इसके बाद ही आगे के निर्णय पर विचार होगा। सचिवालय में मंत्रीमंडलीय उप समिति के साथ वार्ता साढ़े छह बजे शुरू हुई जो रात ग्यारह बजे तक चली। गुर्जर नेताओं की मांग सुनने के बाद मंत्री तीन बार बैठक से बाहर जाकर मुख्य सचिव कमरे से सरकार को अवगत कराया। इसके बाद एक मसौदा तैयार कर गुर्जर नेताओं के सामने रखा गया। गुर्जरों की मुख्य मांग ओबीसी को वृगीक्रत कर पांच प्रतिशततय किया जाए। इस पर सरकार ने कोई आश्वासन नहीं दिया। कहा कि केन्द्र ने रोहिणी कमेटी गठित की है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा। बैठक में गुर्जरों की शिकायत रही कि सरकार जो कहती है उसकी पालना ठीक से नहीं हो रही। अभी तक एक प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, जबकि वास्तविकता है कि वह भी नहीं मिल रहा। शिक्षा विभाग, आरएएस व जेईएन भर्ती में एक प्रतिशत आरक्षण ठीक से नहीं मिला। इस पर कार्मिक सचिव ने कहा कि सरकार स्तर पर रखा गया है। सरकार ने इसे सभी विभागों में लागू करने का आश्वासन दिया। गुर्जरों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि वे ही मामले लम्बित है, जो उन धाराओं से जुड़े हैं जिनमें मामले वापस नहीं लिए जा सकते। ऐसे करीब 35 मामले बताए जा रहे हैं। इसके अलावा सरकार ने गुर्जरों की कई मांगों को पूरा करने का आश्वान दिया है।